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प्राइवेट स्कूल में फ्री एडमिशन

आरटीई के तहत नि:शुल्क शिक्षा के मामले में निजी स्कूलों पर नकेल कसने के साथ ही सरकार ने फीस पुनर्भरण के मामले में ठेंगा दिखा दिया है। इसके तहत गत सत्र 2023-2024 में कक्षा नर्सरी (पीपी-3), एलकेजी (पीपी-4), यूकेजी (पीपी-5) में प्रवेश प्राप्त कर चुके बच्चों की
फीस का पुनर्भरण नहीं होगा। कक्षा पहेली में पहुंचने तक बच्चों को निजी स्कूलों को नि:शुल्क पढ़ाना होगा। इसके फ्री पढ़ाते हुए निजी स्कूलों को इन बच्चों के कक्षा पहेली में पहुंचने का इंतजार करना होगा। सरकार के इस निर्णय से निजी स्कूल संचालक स्वयं को ठगा से मान रहे हैं। वहीं इससे पूर्व में हुए प्रवेश का भी पुनर्भरण कई स्कूलों का अटका है। भौतिक सत्यापन पोर्टल पर अपलोड करने, बिल जनरेट की अंतिम तिथि निकलने सहित अन्य कारणों से भी भुगतान अटका पड़ा है। इसके बाद अब इस नए निर्णय से निजी स्कूल संचालकों को आर्थिक परेशानी में पड़ गए हैं। इधर, पेरेंट्स एवं स्कूल संचालक भी आपस में उलझ रहे हैं। क्योंकि कई निजी स्कूल पेरेंट्स से अब तक का शुल्क मांग रहे हैं। RTE का भौतिक सत्यापन किया, लेकिन पैसा नहीं मिलेगा शिक्षा विभाग की ओर से गत दिनों कराए गए आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसमें नर्सरी से यूकेजी के स्टूडेंट्स का भी भौतिक सत्यापन कर अधिकारियों ने मुहर लगाई। पर, पुनर्भरण नहीं हो रहा है। ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या किसी स्कूल में 10 से 15 है तो कहीं यह संख्या 30 से अधिक है। RTE के पैसे सरकार दे नहीं तो पेरेंट्स से लेंगे निजी स्कूलों पर निरीक्षण व अन्य तरीके से पाबंदियां लगाई जा रही हैं। आरटीई का पुनर्भरण कभी भी समय पर नहीं किया जाता। अब भी कई स्कूलों का चूक व अन्य कारण से पिछले सालों का पुनर्भरण बकाया चल रहा है। वहीं इस बार नर्सरी से यूकेजी का पुनर्भरण नहीं करने का फरमान जारी किया गया है। इसके अलावा कक्षा 9 व कक्षा 11 के बच्चों के पुनर्भरण के मामले में भी उलझन बनी हुई है। संगठन इस निर्णय से नाखुश है। हम कलक्टर को ज्ञापन दे चुके हैँ। अब प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार पुनर्भरण करे या नहीं तो हम पेरेंट्स से फीस लेंगे।

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