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फर्रूखाबाद: बारिश से बढ़ रहे फंगल इंफेक्शन के मरीज, भीगे कपड़ों से बचें

बारिश का मौसम गर्मी से राहत देता है मगर ❗ अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। खासकर त्वचा संबंधी बीमारियां इस मौसम में बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नमी से बैक्टरिया तेजी से पनपते हैं।


इससे सीएचसी में त्वचा संबंधी मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर 200 से 250 मरीज त्वचा संबंधी मरीज पहुंच रहे हैं।
बारिश में भीगने के बाद कपड़े न बदले तो फंगल इंफेक्शनन की चपेट में लोग आ जाते हैं। तौलिया, साबुन, कपड़े एक दूसरे के इस्तेमाल से अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा कपड़े बिना धोए बार बार पहनने से भी फंगल इंफेक्शन बढ़ता है। सीएचसी में ओपीडी की संख्या 700 के पार जा रही है। इसमें 30-35 प्रतिशत यानी 200 से 250 मरीज फंगल इंफेक्शन के पहुंच रहे हैं। डॉक्टर ऐसे मरीजों को दवा के साथ बचाव के उपाय बता रहे हैं।

ये बरतें सावधानियां
-बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदल लें, ज्यादा देर तक भीगे कपड़े पहनना फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकता है।

-यदि पसीना ज्यादा आ रहा हो और कपड़े भीगें हों तो जल्द ही कपड़े बदल लें।
-बारिश में अगर जूते भीग जाएं तो उन्हें भी नहीं पहनना चाहिए।
-कोशिश करें घर के हर सदस्य की तौलिया अलग हो, यदि ऐसा न हो तो कम से कम मरीज की तौलिया कोई दूसरा इस्तेमाल न करे।
-नहाने के बाद पूरा शरीर सूख जाए तभी कपड़े पहनें

चिकित्साधीक्षक डॉ विपिन कुमार ने बताया फंगल इन्फेक्शन बारिश के मौसम की सामान्य बीमारी है। त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते होना, त्वचा पर पपड़ी जमना या खाल उतरना, त्वचा का लाल हो जाना, लाल रंग के छोटे छोटे दाने होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके अलावा खुजली भी होती है। कुछ सावधानियां रखने से इसका बचाव किया जा सकता है। इंफेक्शन ज्यादा बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
आयुष चिकित्सक डॉ अमरेश कुमार ने बताया यदि फंगल इंफेक्शन के संकेत हो तो प्रभावित जगह पर नारियल तेल का इस्तेमाल करें। इसी तरह एलोवेरा में भी एंटीऑक्सीडेंट और एंटी फंगल के गुण होते हैं। इसको लगाने से जलन और खुजली में राहत मिलती है। ऐसे फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए दिन में दो तीन बार एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसके अलावा फंगल इंफेक्शन में लहसुन, अदरक और हल्दी का सेवन बहुत लाभकारी होता है। सामान्य लोगों को भी इस आहार को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए।

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