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मार्बल कंपनी मैनेजर को लॉरेंस गैंग के नाम पर व्हाट्सएप कॉल कर धमकी, 30 लाख रुपये रंगदारी मांगी

अलवर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मेंबर बनकर रुद्राक्ष मार्बल कंपनी मैनेजर को व्हाट्सएप कॉल कर धमकी दी गई है। बदमाश ने खुद को लॉरेंस ग्रुप का मेंबर बताकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।


ऐसे में उसने मजाक समझकर फोन काट दिया तो उसने व्हाट्सएप पर उसके मकान, शोरूम और हथियारों की फोटो के साथ एक वीडियो भेजा। बदमाश ने दावा किया कि वीडियो में लॉरेंस गैंग के मेंबर हैं, इसके बाद वह घबरा गया। उसने एसपी आनंद शर्मा को शिकायत देकर अपनी सुरक्षा करने और आरोपी को पकड़ने की गुहार लगाई है। अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र में 200 फीट रोड स्थित रुद्राक्ष मार्बल कंपनी के मैनेजर ओमप्रकाश गुप्ता के साथ यह घटना हुई।

ओमप्रकाश गुप्ता ने अलवर एसपी आनंद शर्मा को वो तस्वीरें और धमकी भरे मैसेज भेज दिए हैं। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। साथ ही एनईबी थाने में मामला दर्ज कराया है। पीड़ित मैनेजर एनईबी थाना इलाके के जवाहर नगर में किराए के मकान में रहता है। पत्नी और तीन बच्चे साथ रहते हैं। मूल रूप से भरतपुर का डीग निवासी मैनेजर छह साल से रुद्राक्ष मार्बल के अलवर आउटलेट में नौकरी कर रहा है। उसने बताया कि कंपनी के मालिक यूपी के राजकुमार खंडेलवाल हैं। वे यूपी में ही रहते हैं। मेरी तो दुकान ऑक्ट मकान सब किराए का है। पता नहीं बदमाशों को किसने गलत सूचना दे दी। डरे हुए मैनेजर ने पुलिस के कहने पर नंबर ब्लॉक कर दिया।

मैनेजर ने कहा कि उसके बाद कोई कॉल या मैसेज नहीं आया है। मैनेजर ने बताया कि रुद्राक्ष आउटलेट का दफ्तर नमन होटल के पास 200 फीट रोड पर है। आईपीएस अमित जैन ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस टीम गंभीरता से मामले की जांच में लगी है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया शनिवार सुबह 11.30 बजे मेरे मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने पूछा ओमप्रकाश बोल रहे हैं। मैंने कहा, बोल रहा हूं। तब कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि 30 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। मैं लॉरेंस ग्रुप से बोल रहा हूं। मैंने कहा, मैं इतनी रकम की व्यवस्था कहां से करूं। तो उनसे कहा यह तुम जानो कि कहां से व्यवस्था करोगे। मैंने किसी का मजाक समझकर कॉल कट कर दिया। इसके बाद उसने मेरे व्हाट्सएप नंबर पर मेरी, मेरे घर की और दुकान की फोटो और एके 47 राइफलों के साथ कारतूसों की तस्वीर भेजना शुरू कर दिया। एक वीडियो भी भेजा, जिसमें दावा किया कि ये लॉरेंस ग्रुप के लोग हैं। इसके बाद ओमप्रकाश के व्हाट्सएप नंबर पर ये मैसेज आए कि ये देख लेना तेरा वाला डीपी है, ठीक है।

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