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'आई फ्लू', वरन एक मामूली सी सावधानी बचाएगी आपको काला चश्मा पहनने से नहीं रुकता

इन दिनों आंखों की संक्रामक बीमारी कंजंक्टिवाइटिस बहुत ज्यादा फैल रही है। इससे बचने के लिए लोग काला चश्मा लगाकर घूम रहे हैं। परन्तु क्या आपको पता है कि काला चश्मा लगाने से कंजंक्टिवाइटिस का फैलना नहीं रुकता है।


डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए काले चश्मे की नहीं बल्कि कुछ बहुत ही साधारण सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

एम्स के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेलमिक साइंसेज के प्रमुख डॉ. जे.एस. टिटियाल के अनुसार कंजंक्टिवाइटिस से संक्रमित लोगों को पब्लिक प्लेस में नहीं जाना चाहिए। साथ ही यह बीमारी स्पर्श से फैलती है, इसलिए बीमारी से पीड़ित लोगों को दूसरों के साथ वस्तुएं शेयर नहीं करनी चाहिए। उन्हें अपना लैपटॉप, कंप्यूटर, माउस, पेन, बैग आदि दूसरों को नहीं देना चाहिए और न ही दूसरों की वस्तुओं का स्पर्श करना चाहिए।

काला चश्मा नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग से रुकेगा आई फ्लू (Conjunctivitis Precautions)

डॉ. जे.एस. टिटियाल के अनुसार यदि आप ऐसा करते हैं तो इसके लिए भी कोरोना काल के सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल (Conjunctivitis Precautions) को ही फॉलो करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित व्यक्ति अपने आंखों का काला चश्मा उतार कर कहीं रख देता है तो वह सतह भी वायरस से ग्रसित हो सकती है। इस सतह को जो भी छुएगा, उसे भी वायरस बीमार बना सकता है। यही वजह है कि काला चश्मा पहनने के बाद भी ऑफिसों में कंजक्टिवाइटिस के केस बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने नेत्रों की संक्रामक बीमारी से  बचने के लिए वर्क फ्रॉम होम की भी सलाह दी।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार “कंजंक्टिवाइटिस मुख्य रूप से किसी संक्रमित व्यक्ति की आंखों के स्राव के सीधे संपर्क से फैलता है, लेकिन अगर आप दरवाज़े के हैंडल, दरवाज़े के हैंडल या बाथरूम सिंक जैसी दूषित सतह को छूने के बाद अपनी आंख को छूते हैं तो आप भी संक्रमित हो सकते हैं।”

डॉक्टर कहते हैं कि किसी भी सार्वजनिक सतह को छूने के बाद, हाथों को साफ करना और हाथ की स्वच्छता को प्राथमिकता देना समझदारी है। कीटाणुनाशक से सतहों को पोंछने से पिछले संभावित संक्रमित व्यक्ति द्वारा छोड़े गए किसी भी रोगाणु को खत्म करने में भी मदद मिलेगी, जिससे एक स्वच्छ और सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित होगा। इसलिए पहना जाता है काला चश्मा

वरिष्ठ डॉक्टर संजीव गुप्ता कहते हैं कि काला चश्मा संक्रमण रोकने के लिए वरन कंजंक्टिवाइटिस से पीड़ित लोगों द्वारा काले चश्मे का इस्तेमाल आंखों को रोशनी से बचाने के लिए किया जाता है। हालांकि लोग इसे बीमारी की रोकथाम के उपाय के रूप में देखते हैं जो गलत है। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करनी चाहिए और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खुद को सुरक्षित रखना चाहिए।

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