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चंद्रयान-3 का मलबा ऑस्ट्रेलिया के समुद्र तट पर गिरा है ? इस रहस्यमयी वस्‍तु ने बढ़ाई उत्‍सुकता

 

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बीते शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित हरीश धवन सेंटर से चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक लॉन्‍च किया है। चंद्रयान 3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भेजे जाने के तीन दिन बार आस्‍ट्रेलिया के ज्‍युरियन खाड़ी के पास समुद्र के किनारे एक रहस्‍यमय वस्‍तु मिली है। 




जिसको देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि ये इसरो के द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए चंद्रयान -3 मिशन का एक टुकड़ा हो सकता है। आस्‍ट्रेलिया के समुद्र तट पर मिले इस रहस्‍यमयी विशालकाय टुकड़े ने जहां आस्‍ट्रेलिया पुलिस की नींद उड़ा दी हैं। वहीं आस्‍ट्रेलिया की स्‍पेस एंजेसी समुद्र तट पर मिली किसी धातु से बनी दो मीटर बेलनाकार वस्‍तु जिस पर कई तार लटक रहे हैं, वो क्‍या है इसकी जांच करना शुरू कर चुका है।

स्‍पेस एजेंसी ये पता लगाने की कोशिश कर रही आखिर ये रहस्‍यमयी चीज कहां से आई और क्‍या इसका भारत के चंद्रयान 3 से क्‍या कोई लेना देना है? इसके साथ ही ऑस्‍ट्रेलिया की स्‍पेस एजेंसी ने ये मलबा कहां से आया, इसकी उत्‍पत्ति कहां से हुई, ये सब जानने के लिए अपनी समकक्ष इंटरनेशनल स्‍पेस एंजेसी से मदद मांगी है।

ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी फोटो शेयर कर लिखी ये पोस्‍ट

ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी ने सोमवार को ट्विटर पर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त इस रहस्‍यमय वस्‍तु की एक फोटो शेयर की है और कैप्‍शन में लिखा हम पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में ज्यूरियन खाड़ी के पास एक समुद्र तट पर मिली इस वस्‍तु से संबंधित पूछताछ कर रहे हैं।

वैश्विक समकक्षों से इसे पहचानने के लिए मांगी मदद

यह चीज किसी विदेशी स्पेस लॉन्च के रॉकेट से जुड़ी हो सकती है। हम वैश्विक समकक्षों के साथ संपर्क कर रहे हैं जो इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर आस्‍ट्रलिया स्‍पेस एजेंसी द्वारा इस फोटो के शेयर करते ही इसको लेकर लोग अटकलें लगाना शुरू कर चुके हैं। कई लोग इसे चंद्रयान- 3 का हिस्‍सा होने का दावा कर रहे हैं।

चंद्रयान 3 से क्‍या है कोई कनेक्‍शन

वहीं एक पोस्‍ट में दावा किया गया है कि ये मुताबिक यह PSLV रॉकेट का तीसरा स्टेज है। इसके साथ ही इस रिपोर्ट में ये दावा किया गया ये कि ये चंद्रयान से जुड़ा नहीं हुआ है। इसमें ये भी जानकारी दी गई है कि जब भी कोई रॉकेट लॉन्‍च होता तो वो कई स्‍टेज से होकर गुजरता है। रॉकेट जैसे- जैसे ऊंचाई पर जाता है, उसके स्‍टेज उसका वजन कम करने के लिए अलग हो जाते है। इसके साथ ही इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि रॉकेट के शुरूआत का दो चरण लॉन्‍च की जगह से दूर समुद्र में गिरता है और तीसरा स्‍टेज आस्‍ट्र‍ेलिया के नजदीक गिरता है।

PSLV के रॉकेट लॉन्च से जुड़ी है

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये चंद्रयान 3 का हिस्‍सा नहीं है, आस्‍ट्रेलिया के समुद्र तट पर मिली वस्‍तु का चंद्रयान 3 से कोई लेना देना नहीं है। हालांकि ये दावा यिका गया हैं कि ये रहस्‍यमय वस्‍तु PSLV के रॉकेट लॉन्च से जुड़ी है।

ये चंद्रयान 3 का मलबा नहीं है, जानें वजह

रिपोर्ट में तर्क दिया गया कि ये चंद्रयान 3 का मलबा इसलिए नहीं है क्‍योंकि इस चीज के ऊपर बार्नाकल है। 

बर्नाकल जो एक हार्ड स्किन वाले समु्द्री जीव होते हैं जो जहाज, पत्‍थर समेत अन्‍य वस्‍तुओं से जुड़ जाते है। एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2.5 मीटर चौड़े और 2.5 से 3 मीटर लंबे टुकड़े पर बार्नाकल थे। बर्नाकल को किसी भी जीज से जुड़ने में तीन हफ्ते का समय लगता है। इसलिए ये चंद्रयान 3 का मलबा हो ही नहीं सकता क्‍योंकि चंद्रयान 3 चार दिन पहले ही लॉन्‍च किया गया है। तो यह रहस्‍यमयी चीज PSLV के लॉन्च से जुड़ी हो सकती है।

MH370 मलेशियाई एयरलाइन के गायब हिस्सा है क्‍या?

वहीं कई लोगों ने इसे MH370 मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान का हिस्‍सा होने का दावा किया जो 8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 227 यात्रियों के साथ लापता हो गया था। ये वो फ्लाइट थी जो चीन में बीजिंग इंटरनेशलन एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली थी। हालांकि विमानन विशेषज्ञ जेफ्री थॉमस ने कहा कि ये बोइंग 777 का कोई हिस्सा नहीं है। उन्‍होंने इसके पीछे तथ्‍य दिया कि MH370 साढ़े नौ साल पहले खो गया था, इसलिए इसके मलबे पर काफी अधिक टूट-फूट दिखाई देगी। 

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